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सेकंड हैंड कार खरीदने से पहले जान लें ये बातें, बच जाएंगे आपके हजारों रुपए

2026-07-25 09:26:21 | myNoorpur | 3

आजकल नई कार की बढ़ती कीमतों और तेजी से कम होती वैल्यू की वजह से पुरानी यानी सेकंड हैंड कार खरीदना काफी समझदारी भरा विकल्प बन गया है। लेकिन, बिना सही जानकारी के जल्दबाजी में ली एक पुरानी कार आपके लिए बचत के बजाय पैसों की बर्बादी की वजह बन सकती है। अगर आप सेकंड हैंड कार खरीदना चाहते हैं तो इन बातों का ध्यान रखें।

कितनी पुरानी कार?

अगर आप 3 से 5 साल तक पुरानी सेकंड हैंड कार खरीदना चाहते हैं तो यह सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है। नई कार शोरूम से बाहर आते है उसकी कीमत में 10 से 15% तक की गिरावट आ जाती है। पहले 3 सालों में कार की वैल्यू लगभग 30 से 40% तक कम हो जाती है। इसका मतलब है 3 से 5 साल तक पुरानी कार बहुत ही किफायती दाम में मिल जाती है।

गाड़ी की कंडीशन

3 से 5 साल पुरानी गाड़ियों के पार्ट्स, इंजन और इंटीरियर आमतौर पर काफी अच्छी स्थिति में होते हैं और इनमें बहुत ज्यादा मेंटेनेंस का खर्च नहीं आता। इतनी पुरानी गाड़ियों में आपको ब्लूटूथ, टचस्क्रीन, रिवर्स कैमरा और ABS जैसी सुविधाएं और कनेक्विटी फीचर्स आसानी से मिल जाते हैं।

किन गाड़ियों को न खरीदें?

सेकंड हैंड कार लेते समय 7 से 8 साल पुरानी गाड़ी को खरीदने से बचना चाहिए क्योंकि इनमें मेंटनेंस लागत बढ़ जाती है। सस्पेंशन, ब्रेक, क्लच और टायर्स को बदलने का खर्च ज्यादा आ सकता है। बता दें कि, दिल्ली-NCR जैसे क्षेत्रों में 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों पर रोक है। इसलिए ज्यादा पुरानी कार लेने से पहले RTO के नियमों की भी जांच कर लें।

इन बातों का रखें ध्यान

हमेशा कीर का अधिकृत सर्विस सेंट वाली पूरी सर्विस हिस्ट्री की सही से जांच करें। कार फाइनल करने से पहले किसी भरोसेमंद मैकेनिक से उसका इंजन, एक्सीडेंटल हिस्ट्री और चेसिस जरूर चेक कराएं। साथ ही, RC, इंश्योरेंस और PUC की भी जांच करें कि कार पर किसी तरह का लोन या चालान तो नहीं बाकी है।