फोरलेन परियोजना के तहत बन रहे नूरपुर बाईपास का निर्माण कार्य लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। बरसात के दौरान बाईपास से बहकर आ रहा मिट्टी और मलबा नालियों तथा सडक़ों पर जमा हो गया है, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। एक ओर फोरलेन परियोजना का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है, वहीं दूसरी ओर नूरपुर शहर के ऊपरी हिस्से से गुजर रहे बाईपास से बहकर आने वाला मलबा संपर्क मार्गों और मुख्य सडक़ तक पहुंच रहा है। भारी बारिश के कारण मलबा नालियों और नालों में जमा हो गया है, जिससे बरसाती पानी कीचड़ के साथ सडक़ों और कुछ स्थानों पर लोगों के घरों तक पहुंच रहा है।
नूरपुर-चिन्हवां मार्ग पर स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास सडक़ पर मिट्टी और मलबे की मोटी परत जम गई है। आईटीआई और चिन्हवां गांव की ओर जाने वाले लोगों के लिए यह मार्ग जोखिमभरा बन गया है। इसी सडक़ मार्ग पर यहां यह सडक़ नूरपुर बाईपास सडक़ से मिलती है, और यहां व्हीकल्स अंडर पास बनना संभावित है, से चिन्हवां गांव के लिए तथा नूरपुर आईटीआई से लिए जाने के लिए पैदल, दोपहिया या लाइट मोटर व्हीकल्स द्वारा जाना बेहद मुश्किल व जोखिमभरा है।
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