क्या है पूरा घटनाक्रम?
अस्पताल में भर्ती: युवती को एक दिन पहले ही जहरीला पदार्थ निगलने के बाद गंभीर हालत में आपातकालीन (इमरजेंसी) वार्ड में लाया गया था।
आईसीयू में सुधार: डॉक्टरों ने उसे तुरंत आईसीयू में भर्ती किया, जहां रातभर चले इलाज के बाद उसकी तबीयत में सुधार होना शुरू हो गया था।
वार्ड में शिफ्टिंग के दौरान हादसा: बुधवार सुबह करीब 5 बजे जब युवती की हालत स्थिर पाई गई, तो मेडिकल स्टाफ उसे आईसीयू से निकालकर मेडिसिन विभाग के जनरल वार्ड में शिफ्ट कर रहा था। इसी दौरान वह अचानक परिजनों और वहां मौजूद स्टाफ की नजरों से बचकर भागी और सीधे चौथी मंजिल की खिड़की से नीचे कूद गई। ऊंचाई से गिरने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी कांगड़ा राजेश शर्मा तुरंत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। चूंकि मामला धीरा पुलिस चौकी के अंतर्गत आता है, इसलिए संबंधित पुलिस ने भी मौके का मुआयना किया।
प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई के तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है। अस्पताल में ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है कि आखिर युवती ने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया।
Frequently Asked Questions
टांडा मेडिकल कॉलेज में हुई इस दुखद घटना का मुख्य विवरण क्या है?
डॉ. राजेंद्र प्रसाद गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (टांडा), कांगड़ा में एक 27 वर्षीय महिला ने अस्पताल की चौथी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। यह घटना मंगलवार सुबह की है, जिसने पूरे अस्पताल परिसर और क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया।
महिला को घटना से पहले अस्पताल में क्यों भर्ती कराया गया था?
महिला को उसी दिन सुबह अस्पताल लाया गया था क्योंकि उसने कथित तौर पर किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। जहर के उपचार के दौरान ही उसने अस्पताल की बिल्डिंग से छलांग लगा दी।
क्या आत्महत्या के कारणों का पता चल पाया है?
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, महिला पहले से ही मानसिक तनाव में थी, जिसके कारण उसने पहले जहर खाया और फिर अस्पताल में भर्ती होने के कुछ ही घंटों बाद चौथी मंजिल से कूद गई। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
इस मामले में पुलिस प्रशासन ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
कांगड़ा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सीआरपीसी की धारा 174 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है ताकि घटना की असली वजह सामने आ सके।
टांडा मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर क्या सवाल उठ रहे हैं?
अस्पताल के भीतर उपचाराधीन मरीज द्वारा इस तरह का कदम उठाना सुरक्षा और निगरानी पर सवाल खड़े करता है। प्रशासन अब वार्डों और खिड़कियों के पास सुरक्षा मानकों की समीक्षा कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
