प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां ज्वालामुखी मंदिर परिसर में गुरुवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। राजस्थान के झालावाड़ से आए एक युवक ने मंदिर के गर्भगृह के बाहर खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। इस दर्दनाक हादसे में करीब 70 फीसदी झुलसे युवक ने टांडा मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

देहरा के एसपी संदीप धवल ने युवक की मौत की पुष्टि की है। घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।

घटना का क्रम: कैसे हुआ हादसा?
1) शाम करीब 7 बजे: युवक मंदिर के गर्भगृह के बाहर पहुंचा और अचानक अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा ली।

2) मची अफरा-तफरी: शरीर से लपटें उठती देख मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और कर्मचारियों में भगदड़ मच गई।

3) तत्काल राहत प्रयास: मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, तब तक युवक बुरी तरह झुलस चुका था।

अस्पताल ले जाते समय था होश में
घटना के बाद 108 एंबुलेंस की मदद से उसे पहले ज्वालामुखी अस्पताल और फिर गंभीर हालत के चलते टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। एंबुलेंस कर्मियों के मुताबिक, जब उसे ले जाया जा रहा था तब वह होश में था। उसने अपना नाम रामदास (पुत्र गजानंद, निवासी: झालावाड़ बस स्टैंड, राजस्थान) बताया था और कहा था कि वह मंदिर में दर्शन के लिए अकेला आया था। हालांकि, गंभीर रूप से झुलसे होने के कारण उसकी आवाज स्पष्ट नहीं थी।

पुलिस जांच के मुख्य बिंदु
लापता था युवक: शुरुआती जांच में पता चला है कि मृतक करीब एक साल से अपने घर पर नहीं था। पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि वह पिछले कुछ समय से कहां रह रहा था और ज्वालामुखी तक कैसे पहुंचा।
आत्मघाती कदम की वजह: युवक ने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
फॉरेंसिक जांच: घटना के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के वीडियो व अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।