जिला कांगड़ा की नूरपुर विधानसभा में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब पूर्व प्रशासनिक अधिकारी अकिल बख्शी ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस कर क्षेत्र में कथित वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष संदेश डडवाल और कांग्रेस ब्लॉक महासचिव तरसेम मनहास उर्फ पप्पू मनहास पर तीखा हमला बोलते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अकिल बख्शी ने जसूर में बनी पंचायत समिति की दुकानों के आवंटन में भारी अनियमितताओं का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दुकानें संदेश डडवाल और उनके करीबियों से जुड़ी हैं, जिन्हें नियमों को ताक पर रखकर बेहद कम किराए पर हासिल किया गया। इसके बाद इन दुकानों को आगे लगभग 13-13 लाख रुपये में सबलेट करने या बेचने का प्रयास किया गया। बख्शी ने इस संबंध में दो व्यक्तियों द्वारा दिए गए लिखित बयानों और शिकायतों को भी मीडिया के समक्ष पेश किया।

मामले को और आगे बढ़ाते हुए उन्होंने मनरेगा योजना में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। बख्शी का दावा है कि जब संदेश डडवाल पंचायत प्रतिनिधि के पद पर थे, तब उनकी पत्नी की मनरेगा में फर्जी दिहाड़ियां लगवाई गईं। इसके समर्थन में उन्होंने उस समय के मस्टर रोल होने का दावा किया और आरोप लगाया कि परिवार के अन्य लोगों को भी पंचायत में वेंडर व सप्लायर के रूप में फायदा पहुंचाया गया।

अकिल बख्शी ने मौजूदा सरकार पर सवालिया निशान लगाते हुए पूछा कि यदि संगठन और सत्ता के करीबियों पर ऐसे गंभीर आरोप लग रहे हैं, तो मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के 'व्यवस्था परिवर्तन' के नारे का क्या अर्थ रह जाता है? उन्होंने मांग की कि मस्टर रोल, वेंडर सूचियों और दुकान आवंटन से जुड़े सभी दस्तावेजों की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अंत में उन्होंने कहा कि नैतिकता के आधार पर इन दोनों नेताओं को अपने पदों से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए ताकि निष्पक्ष जांच में कोई बाधा न आए।