ऐतिहासिक एवं प्राचीन किले में स्थित भगवान श्री बृजराज स्वामी मंदिर में राज्य स्तरीय जन्माष्टमी पर्व को लेकर तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। मंदिर प्रबंधक कमेटी पिछले 15 दिनों से महोत्सव को भव्य और सुचारू बनाने में जुटी हुई है।

आकर्षक सजावट और रोशनी

मंदिर परिसर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। प्रबंधक कमेटी के प्रधान देवेंद्र शर्मा ने बताया कि भगवान श्री बृजराज स्वामी जी के विग्रह को ताजे प्राकृतिक फूलों से सुसज्जित किया जाएगा। इसके अलावा, रंग-बिरंगी लाइट्स और विशेष रोशनी से मंदिर का दृश्य बेहद मनमोहक लग रहा है।



जन्माष्टमी का समय और कार्यक्रम

  • सुबह 04:00 बजे: प्रभात फेरी निकाली जाएगी।
  • सुबह 06:00 बजे: मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु खोल दिए जाएंगे।
  • रात 10:00 बजे तक: निरंतर दर्शन चलते रहेंगे।
  • रात 10:00 से 12:00 बजे तक: कपाट बंद रहेंगे।
  • रात 12:00 बजे: भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर विशेष महाआरती की जाएगी, जिसके उपरांत पुनः दर्शन शुरू होंगे।




  • श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएँ

    गत वर्ष जन्माष्टमी के अवसर पर लगभग 50 से 60 हजार श्रद्धालुओं ने मंदिर में शीश नवाया था, जबकि इस वर्ष 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुँचने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है। भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए:
    1. लंबी कतारों के सुचारू संचालन हेतु बैरिकेडिंग का कड़ा इंतजाम किया गया है।
    2. स्थानीय प्रशासन का पूरा सहयोग मिल रहा है। मंदिर कमेटी के वॉलिंटियर्स तैनात रहेंगे, जो विशेषकर बुजुर्ग और असमर्थ श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन करवाएंगे।