नूरपुर के नवनिर्माणाधीन मातृ-शिशु अस्पताल को लेकर एक बार फिर जनता का गंभीर आक्रोश सामने आया है। सोमवार को जनकल्याण सभा के अध्यक्ष अकिल बक्शी ने आम जनता के साथ मातृ-शिशु अस्पताल परिसर का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के अंदर कथित तौर पर एक्सपायरी दवाइयां, धूल खा रहे बिस्तर तथा खराब एवं अनुपयोगी सामान मिला। इन व्यवस्थाओं को देखकर उन्होंने अस्पताल के संचालन में हो रही देरी पर कड़ा रोष जताया है।

पूर्व और वर्तमान विधायक पर साधा कड़ा निशाना
अकिल बक्शी ने अस्पताल के मुद्दे को लेकर पूर्व और वर्तमान विधायक पर भी तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपए की लागत से तैयार इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान को शुरू करवाने को लेकर न तो पूर्व विधायक ने गंभीर रुख दिखाया और न ही वर्तमान विधायक ने अपेक्षित पहल की। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक अब चुनावी वर्ष को देखते हुए सक्रिय नजर आ रहे हैं, जबकि पिछले चार वर्षों में नूरपुर की इस महत्वपूर्ण समस्या को लेकर उनकी कोई सक्रियता दिखाई नहीं दी।

2 अक्टूबर तक अस्पताल शुरू नहीं हुआ तो भूख हड़ताल
अकिल बक्शी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 2 अक्टूबर तक यदि मातृ-शिशु अस्पताल नूरपुर को शुरू नहीं किया गया तो वह अपने सहयोगियों के साथ अनिश्चितकाल के लिए भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि नूरपुर की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए होगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अस्पताल को शीघ्र शुरू करने के लिए सभी औपचारिकताएं तत्काल पूरी कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

जनता को अब और धोखे में नहीं रखा जाएगा
अकिल बक्शी ने कहा कि जनता को बार-बार झूठे आश्वासन देकर और अस्पताल जल्द शुरू होने की बातें करके गुमराह करने का सिलसिला अब और नहीं चलने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नूरपुर की जनता लंबे समय से अस्पताल के शुरू होने का इंतजार कर रही है, लेकिन हर बार उन्हें नई तारीख या नया आश्वासन दे दिया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि 2 अक्टूबर के बाद इस आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और जनप्रतिनिधियों की होगी।