नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संदेश सिंह डडवाल द्वारा लगाए गए आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए 'रणजीत बक्शी जन कल्याण फाउंडेशन' के निदेशक अकिल बख्शी ने एक जोरदार प्रेस कॉन्फ्रेंस की। बख्शी ने आधिकारिक मनरेगा पोर्टल के रिकॉर्ड और ऑडिट दस्तावेजों का हवाला देते हुए स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व पर वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और जनहित के मुद्दों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए।

मुख्य आरोप एवं प्रमुख बिंदु
अकिल बख्शी ने नरेगा पोर्टल से प्राप्त जॉब कार्ड और डीपीआर फ्रोजन स्टेटस रिपोर्ट जारी करते हुए आरोप लगाया कि ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संदेश डडवाल की पत्नी (जो वर्तमान में जिला परिषद सदस्य हैं) के नाम पर पिछले 4 वित्तीय वर्षों (2022–2026) में कुल 390 मनरेगा दिहाड़ियां दर्ज की गई हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता के टैक्स का लगभग ₹1
लाख फंड उठाया गया, जिसमें से 147 दिहाड़ियां निजी जमीन के समतलीकरण (Land Leveling), डंगा लगाने और वॉटर हार्वेस्टिंग टैंक के निर्माण में लगाई गई थीं।

ब्लॉक समिति की दुकानों का आवंटन व सब-लेटिंग:
फाउंडेशन निदेशक ने ब्लॉक समिति की कमर्शियल दुकानों (दुकान संख्या 3C और 5D) के बेहद कम किराए (क्रमशः ₹1,000 और ₹350 प्रति माह) पर आवंटन पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दुकानों को नियमों का उल्लंघन कर भारी भरकम पगड़ी और ₹10,000 मासिक किराए पर तीसरे पक्ष (Third Party) को सब-लेट किया गया है। उन्होंने बीडीओ (BDO) से इन आवंटनों को रद्द कर दुकानों की पुनः नीलामी (Re-auction) कराने की मांग की।

चुनावी प्रलोभन के आरोपों का खंडन:
स्थानीय चुनावों के दौरान सीमेंट व सरिया बांटकर वोट मांगने के आरोपों पर बख्शी ने संदेश डडवाल द्वारा उप-प्रधान पद पर रहते हुए जारी किए गए अनुशंसा पत्र (Recommendation Letters) मीडिया को दिखाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि फाउंडेशन ने डडवाल के ही लिखित अनुरोध पर गरीब परिवारों की मदद की थी, जिसे अब 'चुनावी प्रलोभन' का नाम देकर जनता को गुमराह किया जा रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में अकिल बख्शी ने पूर्व विधायक अजय महाजन और स्थानीय विरोधी नेताओं को किसी भी तटस्थ मंच या मीडिया चैनल पर नूरपुर के विकास मुद्दों पर सीधी लाइव डिबेट करने की खुली चुनौती दी।