शिमला/नूरपुर:
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के जारी सत्र के दौरान नूरपुर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक रणबीर सिंह निक्का ने प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी और रुकी हुई भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया। सदन के पटल पर अपनी बात रखते हुए विधायक निक्का ने आरोप लगाया कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने सत्ता में आने से पहले युवाओं को बड़े-बड़े वादे और चुनावी गारंटियां दी थीं, लेकिन सत्ता संभालते ही सरकार अपने वादों से मुकर गई है और आज प्रदेश का युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
विधायक रणबीर सिंह निक्का ने अपने संबोधन में कहा कि चुनाव से पूर्व प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं को हर साल 1 लाख सरकारी नौकरियां देने तथा कुल 5 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने की बात कही गई थी। परंतु पिछले साढे तीन-चार वर्षों के दौरान नौकरियों के नए अवसर पैदा करने के बजाय भर्ती आयोगों और चयन प्रक्रियाओं को निलंबित या सुस्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि भर्ती विज्ञापनों में लगातार हो रही देरी, परीक्षाओं के परिणाम लटकने और आउटसोर्स कर्मचारियों के भविष्य को लेकर बन रही अनिश्चितता ने प्रदेश के युवाओं को गहरे मानसिक तनाव और निराशा में धकेल दिया है।
नूरपुर विधायक ने सदन के माध्यम से सरकार से मांग की कि वह केवल गारंटियों के नाम पर घोषणाएं करने के बजाय धरातल पर ठोस कदम उठाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि विभिन्न सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को तुरंत निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भरा जाए तथा लंबित पड़े परीक्षा परिणामों को जल्द से जल्द घोषित कर अभ्यर्थियों को राहत दी जाए। निक्का के इस आक्रामक रुख के दौरान विपक्षी दल के नेताओं ने भी सदन में नौकरियों और जनहित के मुद्दों पर सरकार की घेराबंदी का समर्थन किया।
