चक्की खड्ड पर बने सामरिक और यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण पुलों की सुरक्षा पर एक बार फिर पानी फिरता नजर आ रहा है। करोड़ों की लागत से तैयार किया गया सुरक्षा तंत्र खुद कुदरत के बहाव के आगे लाचार दिखने लगा है।
चक्की खड्ड में डाउनस्ट्रीम (पंजाब सीमा से लगते हिस्से) की तरफ पानी के प्रचंड वेग ने बड़े पैमाने पर भू-कटाव शुरू कर दिया है। चैक डैम के किनारे से सटी जमीन का एक बड़ा हिस्सा बहाव में समा चुका है, और कटाव का यह सिलसिला लगातार जारी है। अगर इस कटान को तुरंत नहीं रोका गया, तो करोड़ों की लागत से बनी रिटेनिंग वॉल/चैक डैम ढह सकता है।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले चक्की खड्ड के बदले बहाव ने पुलों के अस्तित्व पर ही खतरा पैदा कर दिया था। तब विशेषज्ञों की सिफारिश पर NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) ने लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च करके चैक डैम और रिटेनिंग वॉल का निर्माण कराया था। इस कदम से पुलों को संजीवनी मिली थी, लेकिन इस मानसून/बहाव ने एक बार फिर सुरक्षा घेरे में सेंध लगा दी है।
स्थानीय विधायक रणवीर सिंह निक्का ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए NHAI से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते भू-कटाव को रोकने के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो चक्की खड्ड के पुलों पर एक बार फिर से भारी संकट मंडराने लगेगा।
